तालाब की गहराई किनारे खड़े ना नाप सकोगे
आसमान की ऊंचाई बस ताक कर ना जान सकोगे
मंजिलों तक पहुंचना तो एक दंगल है
अखाड़े में उतर कर खेलना होगा
और खेल मे दम भरके जीतना होगा
English And Hindi Poetry
तालाब की गहराई किनारे खड़े ना नाप सकोगे
आसमान की ऊंचाई बस ताक कर ना जान सकोगे
मंजिलों तक पहुंचना तो एक दंगल है
अखाड़े में उतर कर खेलना होगा
और खेल मे दम भरके जीतना होगा