अकड़ी खिड़कियां
बरसात की मौजों मे अकड़ी खिड़कियांजो खींचे नहीं खिंचतीकारीगर के एक रंधे की मोहताज होती है बसजो उन्हे कोमल कर Continue Reading ...
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बरसात की मौजों मे अकड़ी खिड़कियांजो खींचे नहीं खिंचतीकारीगर के एक रंधे की मोहताज होती है बसजो उन्हे कोमल कर Continue Reading ...
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मृगनयनी तो सिर्फ एक नाम हैतेरे नयन तो मदहोशी भरा एक जाम हैमाथे की बिंदिया क्या खूब मुस्कुराती हैइस शायर Continue Reading ...
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रुखसत नसीब हुई है रंजो गम की महफिलों से तुम्हें दीदार करना है, अब नयी मंजिलों का तुम्हें मंजिलों से Continue Reading ...
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गुल दस्ते के उस गुलाब को सबने देखावो भी मूक, महफिल को देख रहा थाकिसीने ना छुआ, किसी ने ना Continue Reading ...
Read moreदिल की धड़कन, को किया नज़र अंदाज बार बारदिल ए इंतज़ार ने, बस तन्हाई मे एक उम्र गवां दी
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(It was raining a silent drizzle early morningI wondered,will the rain be strong enough.The fields with the seeds sownare waiting Continue Reading ...
Read moreशोर इस कदर गूंजा है मेरे दीवानेपन काकी ये गम ए इश्क़ की आवाजपहुंच गयी है, खुदा की रहमतउस दिल Continue Reading ...
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