मंज़िल

रुखसत नसीब हुई है रंजो गम की महफिलों से तुम्हें

दीदार करना है, अब नयी मंजिलों का तुम्हें

मंजिलों से कोई फासला ना रखना

जरूरत पडे तो सिर्फ़ बेहिसाब हौसला रखना

अपनी ख्वाहिशों को ग़र कुछ धुंधलाना भी पड़े

मंज़िल हासिल करने का गर्व और फर्ज़ सदा बनाए रखना

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