
पास आने की आहट आ रही है,
इस खामोशी में इक महक आ रही है,
तुम्हारी भीनी खुशबू में तर हो रहा है मन
जिंदगी क्यूँ नया गीत गा रही है
सुर्ख दिखने लगा सब,
तन्हाई मुझ में अब नहीं समा रही है,
आगोश में लिए दीवानापन,
जिंदगी क्यूँ नया गीत गा रही है
सिले लब खुलने को हैं आतुर,
ये बंद आवाज का मधुर गुंजन है
सिर्फ बारे में हमारे और तुम्हारे
जिंदगी क्यूँ नया गीत गा रही है