
नदिया की धारा है तेज
खेते जाओ रे
किनारे दूर हैं अभी
खेते जाओ रे
हवा ग़र चीरे पतवार
सीते जाओ रे
खेते जाओ रे
गुम हो गए ग़र रास्ते
ढूंढ लाओ रे
खेते जाओ रे
पहुंचे ग़र मंजिल के साहिल
कर दो पल आराम, फिर
एक नयी मंज़िल की जानिब
रास्ते बनाओ रे
खेते जाओ रे
English And Hindi Poetry

नदिया की धारा है तेज
खेते जाओ रे
किनारे दूर हैं अभी
खेते जाओ रे
हवा ग़र चीरे पतवार
सीते जाओ रे
खेते जाओ रे
गुम हो गए ग़र रास्ते
ढूंढ लाओ रे
खेते जाओ रे
पहुंचे ग़र मंजिल के साहिल
कर दो पल आराम, फिर
एक नयी मंज़िल की जानिब
रास्ते बनाओ रे
खेते जाओ रे