एक बार और आज

एक बार और आज
कुछ पल मैखाने के गुज़र गए
पैमाने की गहराई मै
डूबे सपने मिल गए

रंजिशें गम भी तो लाल रंग मै थे
चलते चलते पैमाना जो छलका
सिर्फ इतना ही हो सका हल्का
गोया कुछ बूँद ही कम हुए

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