आईने में जवानी को ढलते देखा है
इश्क की चाहत के गम में डूबे हुए
दिल के जनाजे को अक्सर
आंसू भरी खुली आँखों से
निकलते हुए देखा है
English And Hindi Poetry
आईने में जवानी को ढलते देखा है
इश्क की चाहत के गम में डूबे हुए
दिल के जनाजे को अक्सर
आंसू भरी खुली आँखों से
निकलते हुए देखा है