तूफान उठा है
तूफान उठा है तो कश्ती की पतवार संभाले हमज़ोर से खेते जा रहे हैमंज़िल नज़र ना आती, दूर है मगरधीरे Continue Reading ...
Read moreEnglish And Hindi Poetry
तूफान उठा है तो कश्ती की पतवार संभाले हमज़ोर से खेते जा रहे हैमंज़िल नज़र ना आती, दूर है मगरधीरे Continue Reading ...
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वक़्त को पलटते देर नहीं लगतीतस्वीर को बदलते देर नहीं लगतीजवानी का मौसम भी है चौमासउसको भी ढलते देर नहीं Continue Reading ...
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मुखड़ा…. मत कर तू इतना सितमएक नज़र भी ना डालो तुमबोलूँ शाम सवेरे तुझेऐ पलट के तो देख मुझे पहला Continue Reading ...
Read moreबुलंद पत्थरों की ऊंची हवेली रही होगीसिमटे हुए ईंट पत्थर आज भी अनछुए हैपर वक़्त आने का इंतजार रखते हैंएक Continue Reading ...
Read moreआज क्या लिखूंतुम्हारी शर्मो हया, या बेवफ़ाईबस जी लूंगा चैन सेकागज़ कोरा ही छोड़ के
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कठपुतली जैसे, लंबे धागों से बंधाइंसान नाच रहा है जीवन भार से तराजू झुक गया हैझुकी हुई रीढ़, अब कब Continue Reading ...
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Stacks of dreamsgathered a pileNow, Not singly seenHave merged this while One Swollen chunkThat now shape the stackOf bits that Continue Reading ...
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