तो वो मुहब्बत न थी
राहतें और भी हों वस्ल की राहत के सिवागर आज कुछ भी और जो बन गया हो मुतब्दिलतो वो मुहब्बत Continue Reading ...
Read moreEnglish And Hindi Poetry
राहतें और भी हों वस्ल की राहत के सिवागर आज कुछ भी और जो बन गया हो मुतब्दिलतो वो मुहब्बत Continue Reading ...
Read more
अकस्मात मुलाकात हो गई उनसेभूली हुई वो यादें निखर गईंयादों को टटोल, सहला के जो संवारामुद्दतों बाद फिर मुहब्बत खिल Continue Reading ...
Read more