हमारा प्यार

हवा का एक झोंका आया

डाली का फूल और लहराया

इस हवा को मेहसूस कर्ता हूँ

नयी खुशबु है, जानता हूँ

मेरे महबूब की अवाज है ये

हवा की खुशबु में सिमटी हुई

आवाज प्यार की है ये

इकरार ढूँढती हुई

प्यार तेरा स्वीकार है 

पर ये लंबा एक सफर है 

साथ मिलके करेंगे पार 

क्तू भी क्या है तैयार?

तेरी मेरी आवाज़ बनेगा एक साज 

मिलकर जलायेंगे रोज एक चिराग 

प्यार की हर मंजिल करेंगे पार 

अब ना रुकेगा हमारा प्यार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *