
तुम्हारे लिए मैं लिखता जाऊँ
स्याही खत्म हो तो नयी दवात लाऊँ
जवाब मिले ना मिले,बस लिखता जाऊँ
कुछ कहो ना कहो, ये शून्य बस सुनता जाऊँ
फिर ग़र हौसला ठहर जाए कभी
तो, फिर से,एक प्रेम अग्नि जलाऊं
English And Hindi Poetry

तुम्हारे लिए मैं लिखता जाऊँ
स्याही खत्म हो तो नयी दवात लाऊँ
जवाब मिले ना मिले,बस लिखता जाऊँ
कुछ कहो ना कहो, ये शून्य बस सुनता जाऊँ
फिर ग़र हौसला ठहर जाए कभी
तो, फिर से,एक प्रेम अग्नि जलाऊं