गर ख्वाबों से उतर हक़ीक़त मे तू आए

गर ख्वाबों से उतर हक़ीक़त मे तू आए तो कुछ दिल हलका हो जाएगा मेरा
वर्ना मयखाने के जामों के बोझ तले दबा रह जाएगा ये दिल

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