दिल की सलामी तो दिल चीर गयी
वो अंगड़ाई भी नज़रों में ठहर गयी
नम ज़ुल्फों को क्या झटका
बारिश मेरे मोहल्ले में हो गयी
ये दीदार चुपके चुपके हो रहा था
नुक्कड़ की बंद वो स्ट्रीट लाइट ना जाने कैसे जल गयी
English And Hindi Poetry
दिल की सलामी तो दिल चीर गयी
वो अंगड़ाई भी नज़रों में ठहर गयी
नम ज़ुल्फों को क्या झटका
बारिश मेरे मोहल्ले में हो गयी
ये दीदार चुपके चुपके हो रहा था
नुक्कड़ की बंद वो स्ट्रीट लाइट ना जाने कैसे जल गयी