नदी की धारा में बह गया वक़्त August 2, 2019 sanjay Hindi Poetry नदी की धारा में, बह गया जो वक़्तअब समंदर के आगोश मे पड़ा हैबादल बन पहाड़ों पर फिर बरसेगातो एक नयी सुबह होगी