एक बार और आज
कुछ पल मैखाने के गुज़र गए
पैमाने की गहराई मै
डूबे सपने मिल गए
रंजिशें गम भी तो लाल रंग मै थे
चलते चलते पैमाना जो छलका
सिर्फ इतना ही हो सका हल्का
गोया कुछ बूँद ही कम हुए
English And Hindi Poetry
एक बार और आज
कुछ पल मैखाने के गुज़र गए
पैमाने की गहराई मै
डूबे सपने मिल गए
रंजिशें गम भी तो लाल रंग मै थे
चलते चलते पैमाना जो छलका
सिर्फ इतना ही हो सका हल्का
गोया कुछ बूँद ही कम हुए