ख़ुद को कर बुलंद इतना
ख़ुद को कर बुलंद इतना, कि गम उड़ जाए जैसे तिनकाक्या कभी भीगा है समन्दर भी तूफानी बारिशों से?
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ख़ुद को कर बुलंद इतना, कि गम उड़ जाए जैसे तिनकाक्या कभी भीगा है समन्दर भी तूफानी बारिशों से?
Read moreवो तुम ख्वाब बन गए हो धीरे धीरे क्यूंकि वक़्त को नींद आ चुकी है अब
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जिस्म से लहरें टकरा रही थीहौले हौले भीगा रही थीढलते सूरज की शिथिलता दिल को लुभा रही थीरात के आगोश Continue Reading ...
Read moreबादलों के पीछे छुपे चाँद की बेबसी देखिएमेरे नूर ए चाँद को रोशन करने की हसरत लिए बैठा है
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पुरानी हवेली के बंद कमरे के कोने में एक अलमारी हैतह बना के वहां ख्वाब रख आए अरसा बीत गया Continue Reading ...
Read moreनाराजगी मे ना नींद से गुफ्तगू करमीठे सपने भी, ना आ पाएंगे
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Mad in love,I cannot believe And what you say,cannot be trueFor my love for you is so trueYes God could Continue Reading ...
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छुई मुई, छुई मुई,छुई मुई,छुई मुई सी लगे ये हंसी,छुई मुई सी लग,जो ना हंसी पागल, दीवाना बन गया हूं Continue Reading ...
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(The quest to move towards the horizon, with its deep colors, symbolic of intensity of love, is there. The closer Continue Reading ...
Read moreधागों की बुनावट से बुनी जिन्दगीमैंने बुनी और सिली हैकुछ उधड़ी तो तूने की रफूवही तो तू है
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