आज क्या लिखूं
आज क्या लिखूंतुम्हारी शर्मो हया, या बेवफ़ाईबस जी लूंगा चैन सेकागज़ कोरा ही छोड़ के
Read moreEnglish And Hindi Poetry
This category contains poetry in Hindi language.
आज क्या लिखूंतुम्हारी शर्मो हया, या बेवफ़ाईबस जी लूंगा चैन सेकागज़ कोरा ही छोड़ के
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कठपुतली जैसे, लंबे धागों से बंधाइंसान नाच रहा है जीवन भार से तराजू झुक गया हैझुकी हुई रीढ़, अब कब Continue Reading ...
Read moreसमंदर के गुरूर को भी देखा हैकोमल प्रेम भरे रेतों के घरों से बस खेल पाता हैहर गुरूर का दायरा Continue Reading ...
Read moreतू, मेरी ख्वाहिश हैजिन्दगी है तूअसमान में खिलता चाँदजमीन पर उतर आया हैमीठी रोशनी है तू आज ना ले और Continue Reading ...
Read moreबर्बाद निगाहों से अब क्या ताकता हैइश्क़ ए दिल,तेरा, अब पुराना हो चला
Read moreगर ख्वाबों से उतर हक़ीक़त मे तू आए तो कुछ दिल हलका हो जाएगा मेरावर्ना मयखाने के जामों के बोझ Continue Reading ...
Read moreबिन बारिश क्यूँ भीग गया है तनतेरी जुस्तजू में जब खो गया है मन
Read moreकिस पर उडेलूं ये प्यार,उसने पिया नहीं तो छलक जाएगा,जाया हो जाएगा, बिखर जाएगा.पर बरसना तो जरूरी है यार
Read moreरोशनी हो ना सकी रे साकीतेरे मयखाने मे घोर अंधेरा थाइस दरवाजे के बाहर निकल के देखादिन तो दिन, रातें Continue Reading ...
Read moreआईने में जवानी को ढलते देखा हैइश्क की चाहत के गम में डूबे हुएदिल के जनाजे को अक्सरआंसू भरी खुली Continue Reading ...
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