हमारा प्यार
तू नज़रें झुका के क्यों चलती है सामने मेरेनज़रें दिखें तो न मैं कुछ पढूंनज़रें गर बयान करे किताबों के Continue Reading ...
Read moreEnglish And Hindi Poetry
This category contains poetry in Hindi language.
तू नज़रें झुका के क्यों चलती है सामने मेरेनज़रें दिखें तो न मैं कुछ पढूंनज़रें गर बयान करे किताबों के Continue Reading ...
Read moreतू एक एहसास देती हैबिखरे सपनों को बुनने के लिएतू एक आस देती हैजिन्दगी में फिर रंग भरने के लिए
Read moreख़ुद को कर बुलंद इतना, कि गम उड़ जाए जैसे तिनकाक्या कभी भीगा है समन्दर भी तूफानी बारिशों से?
Read moreवो तुम ख्वाब बन गए हो धीरे धीरे क्यूंकि वक़्त को नींद आ चुकी है अब
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जिस्म से लहरें टकरा रही थीहौले हौले भीगा रही थीढलते सूरज की शिथिलता दिल को लुभा रही थीरात के आगोश Continue Reading ...
Read moreबादलों के पीछे छुपे चाँद की बेबसी देखिएमेरे नूर ए चाँद को रोशन करने की हसरत लिए बैठा है
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पुरानी हवेली के बंद कमरे के कोने में एक अलमारी हैतह बना के वहां ख्वाब रख आए अरसा बीत गया Continue Reading ...
Read moreनाराजगी मे ना नींद से गुफ्तगू करमीठे सपने भी, ना आ पाएंगे
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छुई मुई, छुई मुई,छुई मुई,छुई मुई सी लगे ये हंसी,छुई मुई सी लग,जो ना हंसी पागल, दीवाना बन गया हूं Continue Reading ...
Read moreधागों की बुनावट से बुनी जिन्दगीमैंने बुनी और सिली हैकुछ उधड़ी तो तूने की रफूवही तो तू है
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