खेते जाओ रे
नदिया की धारा है तेजखेते जाओ रेकिनारे दूर हैं अभीखेते जाओ रेहवा ग़र चीरे पतवारसीते जाओ रेखेते जाओ रेगुम हो Continue Reading ...
Read moreEnglish And Hindi Poetry
This category contains poetry in Hindi language.
नदिया की धारा है तेजखेते जाओ रेकिनारे दूर हैं अभीखेते जाओ रेहवा ग़र चीरे पतवारसीते जाओ रेखेते जाओ रेगुम हो Continue Reading ...
Read moreउनको आज खाने परएक प्यार भरी कविता परोसीमानो आँखों की दास्तानजुबां से कह डाली
Read moreवक़्त बारिशों का था, बादल बोझिल हो बरस उठेआशिकी भी बुलंदी पे थी, लब्ज सुर बन के गरज उठे
Read more
तुम्हारे लिए मैं लिखता जाऊँस्याही खत्म हो तो नयी दवात लाऊँजवाब मिले ना मिले,बस लिखता जाऊँकुछ कहो ना कहो, ये Continue Reading ...
Read more
वो आखिरी शामजो मयखाने के दरवाज़े से गुज़रीयाद दिलाएगी एक गुज़रे वक़्त कीकोई फूल फेंकता तो पकड़ लेतायहां कुछ तीखी Continue Reading ...
Read moreतेरी रम्ज़ से क्या मैं हूँ वाकिफ नहीं अब तलकबिछौना भी बिछाती हो उस रम्ज़ का दोहर सो अलग
Read moreतेरी आँखों ने मेरी तकदीर लिख दी हैतस्वीर छप गयी है, ता उम्र जीने के लिए
Read more
गहरी स्याही से लिखी वो ख्वाहिशेंगुजरे सालों के बाद, फीकी दिख रही हैंकुछ अंश बचे हैं, अभी मिटी नहीं हैंज़ेहन Continue Reading ...
Read more
मिट्टी से ना बनाओ, अपने इरादों का स्तंभमौसम कल बदलेगा, तूफान, बारिश ना सह पाएंगेटूट जाएंगे, बह जाएंगेबिन इरादों के Continue Reading ...
Read more