दो लफ्ज़ लिखने का इल्म
किस शायर से इल्म लूँ मैं अब दो लफ्ज़ लिखने कालफ़्ज़ों का दरिया, तन्हा दिल के कोनों से उमड़ता है
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किस शायर से इल्म लूँ मैं अब दो लफ्ज़ लिखने कालफ़्ज़ों का दरिया, तन्हा दिल के कोनों से उमड़ता है
Read moreभीगता कहाँ हूँ मैं घनघोर बरसातों मे भीसख्त हुई बीते लम्हों की चादर, के पार कुछ नहीं गुज़रता
Read moreचुप चाप हूँ मैं, पर तुमसे नाराज बिल्कुल भी नहींचुप चाप हूँ मैं पर जेहन मे शोर बहुत गहरा हैबस Continue Reading ...
Read moreमत हो उदास ए बारिश के पानीमोबाइल से इश्क़ अस्थायी हैबच्चे कश्तीयां फिर बनाएंगे
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पास आने की आहट आ रही है,इस खामोशी में इक महक आ रही है,तुम्हारी भीनी खुशबू में तर हो रहा Continue Reading ...
Read moreजज़्बात, शब्द ए ग़ज़ल बन गएउन्हें देखे बिना भी सुर बरसते हैं
Read moreशिकवे में तारीफ छुपी थीए रब, मैंने पहचान ली
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मैंने एक गुलाब भेजा उसकोगुलाब की तस्वीर मात्र थीगुलाब को ना फेंक सकादोस्त को दिया, कहकर की तू भी भेजगुलाब Continue Reading ...
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ये जो मन भटका हुआ है,दोराहे पे जा खड़ा हैरस्ता नहीं माकूल,मंज़िल नहीं मालूम…. चलते हुए इन राहों पर,कई मुस्कान Continue Reading ...
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(इमारत के दरबान की जुबानी) साहिब उतरा कार सेकूड़े दान से सट कुत्ता सो रहा थाकिसी ने ना देखा गौर Continue Reading ...
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