दीदार है बाकी
मायूस ना हो क्यूंकि दीदार है बाकी अभीवक़्त सिल देगा उधडे हुए सपनो को अब
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This category contains poetry in Hindi language.
मायूस ना हो क्यूंकि दीदार है बाकी अभीवक़्त सिल देगा उधडे हुए सपनो को अब
Read moreशराफत के बाज़ार, अब नहीं लगतेजो बचे हैं उनमे सिर्फ फरेब बिकता हैपहली सी सादगी अब नहीं दिखतीनाउम्मीद इंसान सहमा Continue Reading ...
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दिन का उजाला अभी बाकी हैदेर तक रहेगा भरोसा रखतू क्यूँ, छायी हुई बदलीको रात समझ बैठा हैजरा समय को Continue Reading ...
Read moreदोपहर की धूप थीछत पे जा,दीवार के कोने तक पहुंचने के लिएपैरों के तलवों को जला डाला दर्द वो इश्क़ Continue Reading ...
Read moreना फेरो नज़रें हम से तुमजुल्फें भी तो मुड़ जाती हैंचेहरा भी हो जाता है ओझलसिर्फ मुस्कान ही नहीं जाती Continue Reading ...
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गोरी रे बता जरा चंचलता से तू क्यूँ है चलती,आँखों में सागर लिए क्यूँ हँसती,श्रृंगार तुझ पर इतना क्यूँ सजता,बिन Continue Reading ...
Read moreतेरे आने की राह को नज़रें बेबसी से तकती थींना मालूम था तुमने रास्ते बदल लिए थे
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चहल पहल रहती है दिन में,पर रात भी होती है ,तब कोई नहीं आता.किस्से कहानियाँ,या फिर कोई दुख दर्द, या Continue Reading ...
Read moreचराग आफताब गुमबड़ी अजीब बात हैमहक गुलाब में भी कमबड़ी अजीब बात हैहूँ चार दोस्तों मे भी चुपबड़ी अजीब बात Continue Reading ...
Read moreबरसात की मौजों मे अकड़ी खिड़कियांजो खींचे नहीं खिंचतीकारीगर के एक रंधे की मोहताज होती है बसजो उन्हे कोमल कर Continue Reading ...
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