तुम्हारी वफाऐं खोऐ गुज़र गया है वक़्त
सूख गया है, आंगन में उगा था जो पेड़
कहाँ से लाऊँ वो पहली सी मोहब्बत
दिल के तारों में , वो साज नहीं बजता है अब
English And Hindi Poetry
तुम्हारी वफाऐं खोऐ गुज़र गया है वक़्त
सूख गया है, आंगन में उगा था जो पेड़
कहाँ से लाऊँ वो पहली सी मोहब्बत
दिल के तारों में , वो साज नहीं बजता है अब