मुद्दतों बाद वाला इब्तिदा
हवाओं का रंग भी स्याह हो चला थापर मैं रुका ना थाआँखें पूरी खुली पर कुछ दिखता ना थाना रास्ते, Continue Reading ...
Read moreEnglish And Hindi Poetry
हवाओं का रंग भी स्याह हो चला थापर मैं रुका ना थाआँखें पूरी खुली पर कुछ दिखता ना थाना रास्ते, Continue Reading ...
Read moreतुमसे गुफ्तगू करने के रास्ते ढूंढता हूँदिल का पैगाम पहुंचाने के वास्ते ढूंढता हूँदिल का समंदर गहरा हो छलकने लगा Continue Reading ...
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Perpetual times do halt sometimes,Giant leaps of the roaring sea ceasesThere is no sunshineWhen hell freezes. But with open eyes, Continue Reading ...
Read moreनशा पढ़ने का भी, क्या कभी आजमाया हैया सिर्फ मयखानो को ही इस काबिल पाया है
Read moreजब कलियां खिलके दें मुस्कुरा, तुम आ जानाजब जाग उठे अरमान, तुम आ जानाजब बुलाएगा चढ़ता रोशन चाँद, तुम आ Continue Reading ...
Read moreतुम्हारी वफाऐं खोऐ गुज़र गया है वक़्तसूख गया है, आंगन में उगा था जो पेड़कहाँ से लाऊँ वो पहली सी Continue Reading ...
Read moreशाम से तुम्हारा नूर जो छा रहा हैचाँद बादलों के पीछे से शरमा रहा हैहुस्न जब खिल रहा है, इस Continue Reading ...
Read moreआज एक लौ जला आया हूँअपनी ही मज़ार परमेरा न सही इस रूह काबेकस तसव्वुर बाकी है
Read moreइत्तेफाकन आई खुशियों का वजूद मैं नहीं मानतादरिया मे डालो , सागर के साहिल तक कायम रहे, तो बात करें
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He picked it up at a roadThorny it was;it hurt himHe threw it away,but It was beautiful and colorful There Continue Reading ...
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